Gupteshwar Pandey IPS, DGP BIHAR

Gupteshwar Pandey is an IPS officer from the 1987 Batch, currently he is serving as the Director General of Police (DGP) of Bihar. From his early years in his childhood, Gupteshwar Pandey was already being molded into the remarkable human he grew up as, as a child he learnt the value of perseverance, and compassion in his life. Very early into his career as a police officer he had already proven to be possessing a spirit of adventure that melded easily with his commitment to justice. His long and distinguished career has been shaped by his drive to deliver justice, and uphold the law in whatever jurisdiction he has presided over.

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Medico-legal care for ... Policing in the Modern era in Bihar began in the year 1862 with the introduction of

2020-06-01
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मेरा विशेष आलेख- किसी के व्यवहार से दुःखी होना भी अज्ञानता

व्यवहार विज्ञान : आध्यात्मिक विश्लेषण : किसी के व्यवहार से दुखी होना भी अज्ञानता ही है. यह इस बात का पक्का प्रमाण है कि हम ज्ञान के कच्चे हैं. और अध्यात्म में अनाड़ी हैं और हमारी साधना की पूँजी कम है. या बिलकुल शून्य है. हमें जागरूक रहकर अपने आपको देखने और समझने की कोशिश करनी चाहिए. दुःख बाहर नहीं है और बाहर के कारण, कोई व्यक्ति,वस्तु या कोई परिस्तिथि हमें दुखी कर ही नहीं सकती.Read more

डीजीपी का विशेष आलेख: व्यक्ति के गुणों के कारण हीं उसका कर्म होता है

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ /लेख :- किसी व्यक्ति के बिलीफ़ सिस्टम को बनाने में पहले गिनाए गए सभी प्रमुख कारकों से अधिक शक्तिशाली होते हैं उस व्यक्ति के चित्त में संचित उसके जन्म जन्मांतरों के संस्कार. ये संस्कार सतोगुनी, रजोगुनी, तमोगुनी या मिश्रित हो सकते हैं. इसी महत्वपूर्ण कारक के कारण व्यक्ति जन्म से ही अपने प्रधान गुणों से युक्त संस्कार वाला होता है,और उसके अनुसार ही उसका आचार-विचार और लोक में व्यवहार होता है. व्यक्तित्व के निर्माण के अध्ययन में पश्चिमी सभ्यता में Read more

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का विशेष आलेख- बिगड़ा मन हीं व्यक्ति का असली शत्रु

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ :- गलत लोगों की संगति से स्वाभाविकरूप से चेतना का पतन होने लगता है. विवेक समाप्त जाता है और आदमी मन के अनुसार आचरण करने लगता है. यह पहले से गिरा मन आदमी के सभी गुणों को मार देता है और अपनी उद्दंडता से बुद्धि कुंठित कर देता है. यह बिगड़ा मन ही व्यक्ति का असली शत्रु है, और इसी को क़ाबू में करने की कोशिश का नाम साधना है..Read more